ओ३म् मधु रस प्याला मुझमें भर जाये

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ओ३म् मधु रस प्याला मुझमें भर जाये

ओ३म्, बोलो ओ३म्
ओ३म्, बोलो ओ३म्
ओ३म्, बोलो ओ३म्
ओ३म्, बोलो ओ३म्

ओ३म् मधु रस प्याला
मुझमें भर जाये
धुल जाये मन काला
नैया तर जाये

ओ३म् मधु रस प्याला
मुझमें भर जाये
धुल जाये मन काला
नैया तर जाये
ओ३म् मधु रस प्याला

जनम मरण का
ओ३म् ही साथी
बन जाऊ मैं
दृढ विश्वासी
चढ़ जाये मोहे
रङ्ग निराला
नैया तर जाये
ओ३म् मधु रस प्याला
मुझमें भर जाये
धुल जाये मन काला
नैया तर जाये
ओ३म् मधु रस प्याला

ओ३म्, बोलो ओ३म्
ओ३म्, बोलो ओ३म्
ओ३म्, बोलो ओ३म्
ओ३म्, बोलो ओ३म्

रोम रोम में
ओ३म् निहारु
तन-मन की
सुध-बुध बिसारू
अङ्ग-अङ्ग में
हो उजियारा
नैया तर जाये
ओ३म् मधु रस प्याला
मुझमें भर जाये
धुल जाये मन काला
नैया तर जाये
ओ३म् मधु रस प्याला

जीवन-दाता
ओ३म् है मेरा
मैं – मेरी,
ना रहे अँधेरा
देव-चिन्तन
हो बना
नैया तर जाये
ओ३म् मधु रस प्याला
मुझमें भर जाये
धुल जाये मन काला
नैया तर जाये
ओ३म् मधु रस प्याला

ओ३म्, बोलो ओ३म्
ओ३म्, बोलो ओ३म्
ओ३म्, बोलो ओ३म्
ओ३म्, बोलो ओ३म्

भर-भर सोम
प्याला पीयूं
ओ३म्-नाम
गा-गा कर जीऊँ
मन बन जाये
मतवाला
नैया तर जाये
ओ३म् मधु रस प्याला
मुझमें भर जाये
धुल जाये मन काला
नैया तर जाये
ओ३म् मधु रस प्याला

ओ३म् मधु रस प्याला
मुझमें भर जाये
धुल जाये मन काला
नैया तर जाये
ओ३म् मधु रस प्याला
ओ३म् मधु रस प्याला
ओ३म् मधु रस प्याला