ओ३म् हमको सदा, सद्बुद्धि सम्पन्न कीजिये।
ओ३म् हमको सदा,
सद्बुद्धि सम्पन्न कीजिये।
यज्ञमय जीवन बने,
वह शक्ति हमको दीजिये।।
यज्ञ से लेकर के शिक्षा,
सर्वहितैषी हम बनें।
भावना उपकार की,
प्रदान भगवन् कीजिये।।1
यज्ञमय जीवन बने, वह शक्ति……
पापों से बचते रहें तो,
दुःख भी सारे दूर हों।
शुभ कामनायें ऐसी प्रभु जी,
अब तो पूर्ण कीजिये ।।2।।
यज्ञमय जीवन बने,
वह शक्ति यज्ञ से सुख शान्ति पावें,
जीव सारे विश्व के।
गोद में भक्तों को अपनी,
दुःख भञ्जन कीजिये।।3।।
यज्ञमय जीवन बने, वह शक्ति ……
यज्ञ के प्रेमी बनें और,
यज्ञ दैनिक हम करें।
हृदय मन्दिर में दयालु,
आप दर्शन दीजिये।।4।।
यज्ञमय जीवन बने, वह शक्ति……
यज्ञहित जीवन मरण हो,
यज्ञ अन्तिम ध्येय हो।
प्रार्थना स्वीकार सवकी,
करुणानन्दन कीजिये।।5।।
यज्ञमय जीवन बने, वह शक्ति……
दीन-दुःखियों की सेवा में,
हम सदा तत्पर रहें।
ऐसी कृपा और अनुग्रह,
हम पर भगवन कीजिये।
यज्ञमय जीवन बने, वह शक्ति…….










