नौजवां थे कितने मस्त मस्त ।
नौजवां थे कितने मस्त मस्त ।
नौजवां थे कितने मस्त मस्त॥
चढ़ गये दार पर झूम-झूम,
फन्दे को मौत के चूम-चूम।
था भगत में कितना जोश।
था भगत में कितना जोश जोश॥
नहीं मौत होश कर सकी पस्त॥1॥
नौजवां थे कितने…
दीवाने थे कितने मस्ताने,
चल दिये मौत से टकराने।
किसे याद हैं उनके अफसाने,
जल गये शमां पर परवाने
चढ़ गया बसन्ती रंग-रंग,
फड़का मस्ती में अंग-अंग।
फिर बन्दे मातरम् बोल।
फिर बन्दे मातरम् बोल-बोल॥
चले टोल बना देने को रक्त॥2॥
नौजवां थे कितने…
चले शीश हथेली पर रखकर,
अश्फाक लाहड़ी और शेखर
बिस्मिल यह कहता था हंसकर,
हम जन्म दोबारा लें मरकर
गाता था विप्लव राग-राग,
खिल गया खून से फाग-फाग
सब सोते सिंह गये जाग।
सब सोते सिंह गये जाग-जाग॥
क्रान्ति की आग लगी एक लख्त ॥3॥
नौजवां थे कितने…
तन के थे कितने फौलादी,
लन्दन की धरती दहलादी
मकसद था लेना आजादी,
नहीं समझ सके उनको गाँधी
मढ़ते रहे उन पर दोष-दोष,
गया वतन छोड़कर बोस-बोस
नहीं रोक सका अंग्रेजी-रेज।
नहीं रोक सका अंग्रेजी-रेज ॥
दिये हिला मेज सब ताजोतख्त ॥4॥
नौजवां थे कितने …
अब याद किसे उनकी आती,
जल गये दिये की बन बाती
पंजाबी असमिया गुजराती,
बंगाली था या कोई मद्रासी
इस देश के थे सब लाल-लाल,
चले कफन सरों पर डाल-2
सावरकर बन गया शान।
सावरकर बन गया शान-शान॥
अण्डमान जेल में गुजरा वक्त॥5॥
नौजवां थे कितने…
रंग लाया खून शहीदों का,
सूरज चमका उम्मीदों का
अब देश के ही बाशिन्दों का,
शासक दल टोल दरिन्दों का
कर रहा घोटाले हर दिन,
विश्व बैंक दान तक का ऋण-2
कर्मठ सब रहे डकार।
कर्मठ सब रहे डकार-कार॥
कर्जे का भार सर जबरदस्त ॥6॥
नौजवां थे कितने….










