नमो वेद विद्या के प्रकाश कर्त्ता
नमो वेद विद्या के प्रकाश कर्त्ता,
नमस्कार अज्ञान के नाश कर्त्ता।
नमस्कार बल बुद्धि के देनेवाले,
नमस्कार दुःखों के हर लेने वाले।
नमस्ते निरञ्जन अविद्या विनाशक,
नमो सच्चिदानन्द घट-घट के व्यापक ।
नमस्ते निराकार निर्दोष नायक,
नमस्ते परम मित्र सबके सहायक ।
निराकार निरवयव मुक्ति के दाता,
तुम्हें है नमस्कार सायं व प्रातः ।
यह है माँगता आपका दास केवल,
कि शुद्धि से हृदय में बुद्धि हो निर्मल ।
करूँ रात दिन मैं तुम्हारा ही वर्णन रहूँ
करता वेदोक्त क्रिया का सेवन।










