नाम सुनते हैं तेरा रूप दिखाओ तो सही।

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नाम सुनते हैं तेरा रूप दिखाओ तो सही।

नाम सुनते हैं तेरा रूप
दिखाओ तो सही।
सुने मन्दिर में मेरे ज्योति
जगाओ तो सही ॥

फूल में गन्ध चमक
चन्द्र में डाली तू ने ।
चाह जिनको है तेरी
उनमें समाओ तो सही ॥

धूल मल-मल के अलख
द्वार पै जोगी गाते।
अपने गाने की कड़ी
कोई सुनाओ तो सही ॥

चक्र में घूम चुका,
चरणों में तेरी आया।
दीन वत्सल हो दया
दृष्टि घुमाओ तो सही ॥