जीवन सफल बना ले
(तर्ज – अल्ला ही अल्ला किया करो दुःख न किसी को)
नाम प्रभु का लिया नहीं।
धर्म का सौदा किया नहीं।
ऐसा मानव दुनियाँ में जी
करके भी जिया नहीं।
नाम प्रभु का…………
१. जो कुछ भी यह इस
दुनियाँ में देता है दिखलाई।
ईश्वर है कण कण में समाया
वेद ने बात बताई।
वेद का अमृत पिया नहीं।
धर्म का सौदा किया नहीं।
ऐसा मानव दुनियाँ में जी
करके भी जिया नहीं।
नाम प्रभु का………….
२. यह धन किस के पास
रहा है किस के पास रहेगा।
पानी का तो काम है बहना
यह हर हाल बहेगा।
धन निर्धन को दिया नहीं।
धर्म का सौदा किया नहीं।
ऐसा मानव दुनियाँ में जी
करके भी जिया नहीं।
नाम प्रभु का…………
३. लालच मत कर लोभ
छोड़ दे लालच बुरी बला है।
तू कर ले सन्तोष इसी में
जो तिल फूल मिला है।
फटा हुआ दिल सिया नहीं।
धर्म का सौदा किया नहीं।
ऐसा मानव दुनियाँ में जी
करके भी जिया नहीं।
नाम प्रभु का…..
४. नफ़रत दिल से दूर हटा
कर सब को गले लगा ले।
त्याग भाव से जी कर अपना
जीवन सफल बना ले।
‘पथिक’ सुनेगा भी या नहीं।
धर्म का सौदा किया नहीं।
ऐसा मानव दुनियाँ में जी
करके भी जिया नहीं।
नाम प्रभु का………










