नाम जपले प्रभु का सुबह शाम बाबा।

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नाम जपले प्रभु का सुबह शाम बाबा।

नाम जपले प्रभु का सुबह शाम बाबा।
संग जायेंगे नहीं धन धाम बाबा॥
तू जान जायेगा, पहिचान जायेगा।
जब आयेगी जीवन की शाम बाबा ॥ टेक ॥

मोह माया के बन्धन टूटे,
जिनकी तृष्णा मनको लूटे।
जीवन लक्ष्य भुला बैठा है
प्रभु करे तेरी तृष्णा छूटे॥
तुझे जिसने बनाया गुलाम बाबा॥1॥
तू जान…

ओ३म् नाम ही एक सहारा,
क्यों फिरता मारा-मारा।
जीवन की नदिया में पगले
ओ३म् ही नौका ओ३म् किनारा।
बाकी माया से क्या है तेरा काम बाबा ॥2॥
तू जान…

यह तेरा धन रूप जवानी-ढल
जाये ज्यूं बर्फ का पानी।
फूल खिले मुर्झा जायेंगे,
सूखे पत्ते अन्त निशानी॥
यही जीवन का है परिणाम बाबा ॥3॥
तू जान…

शुभ कर्मों से नर तन पाया,
फिर भी छूटी ना मोह माया।
जान सकाना यह भी आज तक
क्या खोया है और क्या पाया।
जल जायेगा हड्डी और चाम बाबा ॥4॥
तू जान….