मुक्ति का कोई तू यतन कर ले

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यतन कर ले

मुक्ति का कोई तू
यतन कर ले,
रोज थोड़ा,
प्रभु का भजन करले ।

भक्ति करेगा तो बड़ा
ही सुख पायेगा,
भक्ति से आत्मा का,
मैल धुल जायेगा।

आत्मा के साथ-साथ
मन कर ले।
संगत करे अच्छे लोगों की,
दवा मिल जायेगी
सभी रोगों की,
जिन्दगी को अपनी
चमन कर ले।

जग के विकारों से
बाहर निकल कर,
ऐ बन्दे तू प्रभु भक्ति पे चलकर,
आत्मा का प्रभु से मिलन कर ले।

ले लिया दूध भी और प्यार भी रोते-रोते।
खो दिया दूसरे बच्चे ने यह सोते सोते ।