मुझमें ओम तुझमें ओम सबमें ओम समाया

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मुझमें ओम तुझमें ओम सबमें ओम समाया

जितने हैं संसार के प्राणी सबमें एक ही ज्योति ।
एक बाग के फूल हैं सारे इक माला के मोती ।
एक ही कारीगर ने सबको इक माटी से बनाया ।
सबसे करलो प्यार . .१

एक पिता के बच्चे हैं हम एक हमारी माता ।
दाना – पानी देने वाला एक हमारा दाता ।
फिर ना जाने किस मूरख ने लड़ना हमें सिखाया ।।
सबसे करलो प्यार . …… २

ऊँच – नीच और भेद – भाव की दीवारों को तोड़ो ।
बदला जमाना तुम भी बदलो बुरी आदतें छोड़ो ।
जागो और जगाओ सबको समय भी ऐसा आया ।
सबसे करलो प्यार . .३