मेरे हृदय में प्रभुजी तुमको समीप पाऊँ

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मेरे हृदय में प्रभुजी तुमको समीप पाऊँ

तर्ज आएगा, आएगा आएगा आएगा आनेवाला


मेरे हृदय में प्रभुजी तुमको समीप पाऊँ
माँगूँ क्या मैं तुमसे ? तुमको तुम्हीं से पाऊँ
ऐसे में तेरी चाहत इस तरह आ रही है
चातक हो जैसे प्यासा निज प्यास मैं बुझाऊँ
सौ बार जन्म मिले तो, तेरे ही गीत गाऊँ ॥