आस्था
मेरा नाथ तू है, मेरा नाथ तू है।
नहीं मैं अकेला मेरे साथ तू है।।
चला जा रहा हूँ मैं राह पे तुम्हारी
राहों में आएं जो तूफान भारी
थामे हुए जो मेरा हाथ तू है।।
मेरा नाथ तू है, मेरा नाथ तू है।
नहीं मैं अकेला मेरे साथ तू है।।
मेरा इष्ट तू है मैं तेरा पुजारी
तेरा खेल मैं हूँ तू मेरा खिलाड़ी
मेरी जिन्दगी की है वो हर बात तू है।।
मेरा नाथ तू है, मेरा नाथ तू है।।
नहीं मैं अकेला मेरे साथ तू है।।
तेरा दास हूँ मैं तेरे गीत गाऊँ
तुझे भूल कर ना कभी भूल पाऊँ
तू ही दीन बन्धु पितु मात तू है।।
मेरा नाथ तू है, मेरा नाथ तू है।
नहीं मैं अकेला मेरे साथ तू है।।










