मानव तू मानव बन, ये छोड़ दे पागलपन।
मानव तू मानव बन,
ये छोड़ दे पागलपन।
अनमोल है जीवन,
प्रभु नाम लिये जा।।
शुभ काम किये जा, शुभ काम……
मानव हो कुछ मनन करो,
क्या करना है।
कांटों की राहों में संभलकर,
पग धरना है।।
दुनिया दुरेगी है,
सही पहचान किये जा।।
शुभ काम किये जा, शुभ काम…….
गोरी, गजनी, शाह,
सिकन्दर आये थे।
लूट मार कर बहुत
जुल्म ढाये थे।
दुश्मन की सेनाओं से,
सदा संग्राम किये जा ।।
शुभ काम किये जा, शुभ काम…….
बड़े-बड़े योद्धा आये,
और चले गये।
काल चक्र की चक्की में,
सब दले गये।।
खाली गये सारे,
यही पैगाम किये जा।।
शुभ काम किये जा, शुभ काम……..
योगः कर्मषु कौशलम्
कर्मों में कुशलता ही योग है।










