मानव तूं मानव बन
मानव तूं मानव बन,
ये छोड़ दे पागलपन।
अनमोल है जीवन प्रभु का
नाम लिए जा-शुभ काम किए जा॥
‘सत्यवीर’ जो तप
कुर्बानी करते हैं,
देश धर्म जाति के लिए
जो मरते हैं।
उन देशभक्तों में तू
अपना नाम किए जा-
शुभ काम किए जा॥
मानव हो कुछ मनन करो
क्या करना है,
काँटों की राहों में संभल
पग धरना है। दुनियां दुरंगी है
सहाँ पहचान किए जा-
शुभ काम किए जा॥
गोरी गजनी शाह
सिकन्दर आए थे,
लूट मारकर बड़े जुल्म
यहाँ ढहाये थे।
दुश्मन की सेना से
सदा संग्राम किए जा-
शुभ काम किए जा ॥
बड़े-बड़े योद्धा आए
और चले गए,
कालचक्र की चकी में
सब दले गए।
खाली गये सारे यही
पैगाम दिए जा-शुभ
काम किए जा॥










