मानव जीवन पाकर बन्दे कर ले प्रभु से प्यार

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भक्ति

मानव जीवन पाकर बन्दे कर ले प्रभु से प्यार
प्रभु के भजन बिन जीवन है बेकार -2
मानव जीवन पाकर बन्दे ………1

कितने शुभ कर्मों से मानव देह मिली
जो शुभ अवसर खोता सुन्दर कली खिली-2
ढली जवानी वृद्ध हुआ तो टूट जाये सब तार
मानव जीवन पाकर बन्दे ……..2

जिसको कहता तू ये अपना-अपना है
लेकिन तेरी झूठी सभी कल्पना है।
सपना जैसा खेल जगत में कर ले जरा विचार
मानव जीवन पाकर बन्दे ………3

सच्चे दिल से ईश्वर के गुण गाया कर
मन
मंदिर में झाडू रोज लगाया कर-2
गाया कर उस प्रभु की महिमा 2 जो है सर्वाधार
मानव जीवन पाकर बन्दे ………4

“न तस्य प्रतिमा अस्ति, यस्य नाम महद यशः
उस प्रभु का यश स्वरूप सर्वत्र फैला हुआ है। उसकी प्रतिमा नहीं हो सकती है।