मैं नहीं मेरा नहीं यह तन है उसी का दिया।

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यह तन उसी का है दिया

मैं नहीं मेरा नहीं यह
तन है उसी का दिया।
जो कुछ मेरे पास है वह
धन किसी का है दिया ।।

देने वाले ने दिया और
दिया इस शान से।
मेरा है यह लेने वाला
कह उठा अभिमान से।

मैं और मेरा कहने वाला,
मन किसी का है दिया ।।
जो कुछ भी मेरे पास है
वह भी तो रह सकता नहीं।

कब बिछुड़ जाये यह
जन कह सकता नहीं।
जिन्दगानी का मधुवन
खिला किसी का है दिया ॥

जग की सेवा, खोज अपनी,
प्रेम प्रभु से कीजिए।
जिन्दगी का राज है यह
जान कर जी लीजिए।
साधना की राह में,
साधन किसी का है दिया ॥

अतीत की यादें, भविष्य की वादें,
वर्तमान की इरादें नेक होनी चाहिए।