नहीं बिगाड़ा भारत का कुछ विदेशी तलवारों ने।
नहीं बिगाड़ा भारत का
कुछ विदेशी तलवारों ने।
भारत को बरबाद किया है
भारत के गद्दारों ने।।
पृथ्वीराज के साथ यदि
जयचन्द गद्दारी करता ना।
सुपने में भी मुहम्मद गोरी
कदम इधर को धरता ना।
सोमनाथ पर यदि पुजारी
दिखलाते कायरता ना।
तो गजनी का महुम्मद खजाने
यहाँ के धन से भरता ना।
दाहर और जयपाल गंवा दिए
खुदगरजी मक्कारों ने….।।१।।
गद्दारों का छोड़ा हुआ ना
खाली अब तक तीर गया।
अमर सिंह को खत्म किया
प्रताप को बना फकीर गया।
छत्रपाल शिवाजी नलवा
पिंजरे में बन्दा वीर गया।
ब्राह्मणों का स्थान आज बन
यवनों का कश्मीर गया।
गोविन्द सिंह की कला
छुपाली सरहिन्द की दिवारों ने…।।२।।
ऋषि दयानन्द को जहर
पिलाकर खपा दिया गद्दारों नें।
श्रद्धानन्द को गोली मारकर
मिटा दिया गद्दारों ने।
रंगून की घाटी में सुभाष
को धोखा दिया गद्दारों ने।
अखण्ड भारत को कई
हिस्सों में बँटा दिया गद्दारों ने।
यवनों की तादाद बढ़ा दी
बेहूदे प्रचारों ने….।।४।।










