महानाश की ज्वालाएँ धरती पर दौड़ी आ रही हैं।

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महानाश की ज्वालाएँ धरती पर दौड़ी आ रही हैं।

महानाश की ज्वालाएँ
धरती पर दौड़ी आ रही हैं।
आर्य समाज तुम्हें बढ़ना है,
मानवता चिल्ला रही है ।।
इस धरती पर कौन बढ़ेगा ?


हमें बता दो ऽऽऽ हमें बता दो
ऽ ऽ हमें बता दो ऽ आर्य समाज,
आर्य समाज, आर्य समाज ।
बोली धरती ध्वस्त स्वरों में,
भारत खोलो अपने कान ।


माँग रही है मानवता फिर,
सुखद शान्ति का छाया दान ।
ध्यान धारणा कौन धरेगा?
हमें बता दो ऽ ऽ आर्य समाज,
आर्य समाज, आर्य समाज ।। १ ।।

आऽयों से भारतीय बनकर,
होकर हिन्दू हिन्दुस्तान ।
फिर वे हिन्दू बने मुसलमां,
अलग ले गए पाकिस्तान ।
इन्हें शुद्ध अब कौन करेगा?
हमें बता दो ऽ ऽ आर्य समाज,
आर्य समाज, आर्य समाज ।। २ ।।

बर्मा लंका जावा बाली,
श्याम मलाया चीन जापान।
सभी बृहत्तर भारत में,
अफ्रीका तिब्बत सुरनाम ।
इन्हें एक अब कौन करेगा?
हमें बता दो ऽऽ आर्य समाज
आर्य समाज, आर्य समाज ।। ३ ।।

आज धरा पर फिर होना है,
आर्य वीरों का बलिदान ।
अरुण रक्त से धो देना है,
मां का कुटिल कलंक महान् ।
रक्त राग यह कौन सुनेगा?
हमें बता दो 55 आर्य समाज,
आर्य समाज, आर्य समाज ।। ४ ।।