लगा होने वैदिक धर्म का असर
लगा होने वैदिक धर्म का असर,
आहिस्ता आहिस्ता आहिस्ता।
भगे आ रहे दुनियाँ वाले इधर,
आहिस्ता आहिस्ता आहिस्ता ।।
लगा होने बाईबिल कुरान का तर्जुमा,
यह है महर्षिवर का करिश्मा,
मंजिल पर आने लगा है सफर
आहिस्ता आहिस्ता आहिस्ता ।।
कोई कहता था पृथ्वी को चटाई,
कोई कहे था जैसे दूध पै मलाई,
भू गोल कहने लगा हरबशर,
आहिस्ता आहिस्ता आहिस्ता ।।
नारी और शूद्रों को पाप पढ़ाना,
कल तक जिन्होंने सिद्धान्त यह माना।
बदल गये हैं पढ़ो ताजा खबर,
आहिस्ता आहिस्ता आहिस्ता ।।
लगी टूटने मजहबों की दीवारें,
मतों और पंथों में आ गई दरारें।
गहने लगे ‘प्रेमी’ वैदिक डगर
आहिस्ता आहिस्ता आहिस्ता ।।










