कुल भूमण्डल में नामी इस के नौजवान थे
कुल भूमण्डल में नामी इस के नौजवान थे
दिन चर्या का ध्यान था सबको,
नित्य प्रति नियम निभाते थे
नित्य कर्म से निवृत्त होकर
सात्विक भोजन खाते थे
सब संयमी और व्यायामी,
इस भारत के नौजवान ।।1।।
आन बान के साथ जवान,
जब सीना तान के चलते थे
कदम कदम पर बोल बोल
पर धरती अम्बर हिलते थे
नहीं दुष्ट दुर्व्यनी कामी,
इस भारत के नौजवान थे।।2।।
भारत वीरों के संग जंग में,
ना कोई हाथ मिलाता था
जो कोई हाथ मिलाता तथा
बस वह जिन्दा नहीं जाता था
सब देश धर्म के हामी
इस भारत के नौजवान थे।।3।।
शोभाराम प्रेमी अब हालत
बिगड़ी है नौजवान की
तभी तो अकड़ दिखाती है
यह मेंडकी पाकिस्तान की
कभी सफल विश्व के स्वामी,
इस भारत के नौजवान थे।।4।।










