वैराग्य
कोई दुनियाँ में आता है,
कोई दुनियाँ से जाता है।
ये चक्कर रूक नहीं सकता,
प्रभु इसको चलाता है।।
भलाई कर भला होगा,
बुराई कर बुरा होगा।
जो जैसा बीज बोता है,
वो फल वैसा ही पाता है।।
कोई दुनियाँ में आता है कोई……
प्रभु का ध्यान करने से,
सभी दुःख दूर हो जाएं।
कभी सुख पा नहीं सकता,
जो ईश्वर को भुलाता है।।
कोई दुनियाँ में आता है कोई……..
वो कण-कण में समाया है,
नजर लेकिन नहीं आता।
वही सृष्टि का कर्त्ता है,
वही मुक्ति का दाता है।।
कोई दुनियाँ में आता है कोई…………..
जिसे हर दम मुनि योगी,
तपस्वी याद करते हैं।
उसी के ही मगन मन से,
‘पथिक’ ये गीत गाता है।।
कोई दुनियाँ में आता है कोई…….










