किसी के काम जो आये
किसी के काम जो आये
उसे इंसान कहते है।
पराया दर्द अपनाये
उसे इंसान कहते हैं।।
कभी धनवान है कितना
कभी इंसान है निर्धन।
कभी सुख है कभी दुःख है
इसी का नाम है जीवन।
जो मुश्किल में न घबराये
उसे इंसान कहते हैं।।१।।
यह दुनियां एक उलझन है
कहीं धोखा कहीं ठोकर।
कोई हंस हंस के जीता है
कोई जीता है रो रोकर।
जो गिर कर फिर संभल जाये
उसे इंसान कहते है।।२।।
अगर गलती रुलाती है
तो यह राह भी दिखाती है।
बशर गलती का पुतला है
ये अक्सर हो ही जाती है।
जो गलती करके पछताये
उसे इंसान कहते है।।३।।
अकेले ही जो खा खाकर
सदा गुजरान करते है।
यो भरने को तो दुनियां
में पशु भी पेट भरते हैं।
जो बन्दा बांट कर खाये
उसे इंसान कहते हैं।
नुक्ता चीनी करें तो,
फिर भी काम किये जा।
राह दिखाने वाले को
सदा प्रणाम किये जा।।










