चेतावनी
खाली आया, खाली जाए,
न लाया, न ले जाएगा।
यश-अपयश इस दुनियां में,
बन्दे तेरा रह जाएगा।।
खाली आया, खाली जाए, न लाया…….
भाई, बन्धु, मित्र, सम्बन्धी,
मरघट तक संग जाएंगे।
स्वार्थ के दो आंसू दे कर,
सभी घर लौट आएंगे।
ये कुटुम्ब कबिला कुछ दिन में,
सब तेरी याद भुलाएगा।।
खाली आया, खाली जाए, न लाया……..
जैसा तूने कर्म किया है,
वैसा ही फल आएगा।
कर्मों के अनुसार भविष्य में,
भोग तुझे मिल जाएगा।
कभी शिखर पर पहुँचेगा तू,
कभी तले गिर जाएगा।।
खाली आया, खाली जाए, न लाया……
राजा, रंक, वजीर, बादशाह,
सबको इक दिन जाना है।
आंख खोलकर देख तू ‘सत्यम्’
जगत मुसाफिर खाना है।
पाप-पुण्य का लेखा-जोखा,
सब आगे आ जाएगा।।
खाली आया, खाली जाए, न लाया…….










