करो यज्ञ और दान यदि सुख पाना है।

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करो यज्ञ और दान यदि सुख पाना है।

करो यज्ञ और दान
यदि सुख पाना है।
यज्ञ कर्म अति श्रेष्ठ है प्यारे
श्रद्धा से जो जीवन में धारे
करे सदा कल्याण।
यदि सुख पाना ऐ। करो १

वेद शास्त्र सब यही बताते
ऋषि मुनि भी यही सुनाते
यज्ञ है सुख की खान।
यदि सुख पाना है करो २

पर उपकार जीवन में धारे
दीन दुःखियों के कष्ट निवारे
बनें सच्चे इन्सान।
यदि सुख पाना ऐ। करो ३

जोड़े प्रभु से अपना नाता
वही है सच्चा पिता
और माता उसे ही रक्षक मान।
यदि सुख पाना ऐ। करो ४

वेद धर्म को धारण कर लें
सत्कर्मों से जीवन भर लें।
सुन लें लगाकर कान,
यदि सुख पाना है। करो ५