करले गान प्रभु का बन्दे बीती जा
करले गान प्रभु का बन्दे बीती जा
कर्म की बेला ना जाने जीवन
नगरी का उजड जाये कब मेला
पिछले जन्म के शुभ कर्मों का है
प्रतिफल जीवन ये सुहाना इस
उत्तम चोले को पाकर निर उद्देश्य
ना व्यर्थ गंवाना करले गान….. ।।१।।
अबकी चिता सबकी चिता पर कल
की ना कोई भी चिंता पल पल कर
कर हर पल बीते फिर कल होगी
काल की चिंता करले गान…… ।॥२॥
तेरा सम्बन्ध नही जडता से जड से
सम्बन्ध है बन्धन का तू सत चित
उद्देश्य है तेरा पाना आनंद परमानंद
का करले गान…… ।॥३॥










