कर ओ३म् भजन तू प्राणी

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कर ओ३म् भजन तू प्राणी

कर ओ३म् भजन तू प्राणी
तेरी दो दिन की जिन्दगानी
आखिर ये दुनिया फानी
जरा कर ध्यान लियो
जरा कर ध्यान लियो
ओ बन्दे !!!

पहले शुभ कर्म कमाया
तब मानव चोला पाया
इस जग के अन्दर आया
नहीं कुछ ध्यान कियो
नहीं कुछ ध्यान कियो
ओ बन्दे !!!

बाल पन खेल गँवाया
और जवानी में इतराया
तूने धन का ढ़ेर लगाया
बड़ा अभिमान कियो
बड़ा अभिमान कियो
ओ बन्दे !!!

अब आई वृद्ध अवस्था
बिगड़ी है सभी व्यवस्था
पूतों ने छीना बस्ता
नहीं कुछ मान कियो
नहीं कुछ मान कियो
ओ बन्दे !!!

“नरदेव” ईश गुण गा ले
तू बिगड़ी बात बना ले
वेदों की शिक्षा पा ले
कि श्रेष्ठ विधान कियो
कि श्रेष्ठ विधान कियो
ओ बन्दे !!!

कर ओ३म् भजन तू प्राणी
तेरी दो दिन की जिन्दगानी
आखिर ये दुनिया फानी
जरा कर ध्यान लियो
जरा कर ध्यान लियो
ओ बन्दे !!!