कर ले मन तैयारी, हाँक स्वर्ग की गाड़ी
कर ले मन तैयारी
हाँक स्वर्ग की गाड़ी
‘स्व’ में ही तेरा स्वर्ग
सुख का तू स्वचारी
आत्म-नेता है तेरा जो
है सदा हितकारी
कर ले मन तैयारी
हाँक स्वर्ग की गाड़ी
मेरे मन आत्मा की शीतल
शरण में आजा
कृतज्ञता के भाव से
गुणगान गीत तो गा जा
विनय का अभ्यास होगा
हव्य वाहन की रुचि है अन्यारी
कर ले मन तैयारी
हाँक स्वर्ग की गाड़ी
यदि सन्सार में कुछ भी ना हो
तू रहेगा अपाहिज
हव्यवाट् हो तेरे जब तो
तू रहेगा प्रवाहित
काम सबके आने की तो
हविरूप स्तुति तेरी बड़ी प्यारी
कर ले मन तैयारी
हाँक स्वर्ग की गाड़ी
‘स्व’ में ही तेरा स्वर्ग
सुख का तू स्वचारी
आत्म-नेता है तेरा जो
है सदा हितकारी
कर ले मन तैयारी
हाँक स्वर्ग की गाड़ी










