कर ध्यान उस ईश्वर का, जिसने है किया उत्पन्न तुमको।
कर ध्यान उस ईश्वर का,
जिसने है किया उत्पन्न तुमको।
धन्यवाद करो परमेश्वर का,
खाने को दिया जिसने अन्न तुमको ।।
तुम पापी हो, अपराधी हो,
जो ध्यान नहीं उसका करते।
वह दयालु है उसने है दिया,
तन भी, मन भी और धन तुमको।।
कर ध्यान उस ईश्वर का…….
वह है माता-पिता है, दाता है,
त्राता है सारे जीवों का।
हम ध्यान करें उस स्वामी का,
चाहिए करना यह प्रण तुमको।।
कर ध्यान उस ईश्वर का…….
निज जीवन को करना चाहो,
जो सफल जगत में ऐ मित्रों।
तो प्रातः उठकर श्रद्धा से,
चाहिए गाना प्रभु-गुण तुमको ।।
कर ध्यान उस ईश्वर का…….
गर पामर पतित भी चाहे तो,
आओ तुम शरण में ईश्वर की।
वह शरणागत प्रतिपालक है,
प्रभु कर देंगे पावन तुमको ।।
कर ध्यान उस ईश्वर का…….
ऐ’पाल’ पुकारो प्रेम सहित सब,
परम पिता उस प्रभुवर को।
सुन पुत्रों के इस क्रन्दन को,
आ पकड़ेंगे भगवान् तुमको ।।
कर ध्यान उस ईश्वर का……….










