कहने लगी महारानी
कहने लगी महारानी,
बेकार हुई जिंदगानी।।टेक ।।
हाय पिया यह क्या किया,
दाग जो कुल के लगा दिया,
पीठ दिखाकर भागे युद्ध से,
करी बदनाम कहानी।।1।।
बांदी जा देर न ला,
किले का फाटक बंद कर आ,
शेरों का यह किला है,
कभी कोई स्यार करे शैतानी।।2।।
शकल भी देखूं नहीं,
यह कहकर के गिर गई,
कायर के संग ब्याह दी,
जुल्म किया वीरांगना क्षत्राणी।।3।।
डर गई आह भर गई,
मूर्छित मानो मर गई,
शोभाराम जगत में बना गई,
रानी अमिट निशानी।।4।।
बेहोश है बीमारी में यह,
कमजोर हुई दिल घबराया।
महामाया की माता ने
जब यह खबर सुन पाई है
डोले में बैठकर आई जोधपुर,
हाल देख घबराई है।
नब्ज पकड़ माता ने कहा,
है जीवित मरी नहीं महामाया,
मैं अभी दवाई देती हूं,
फिर नहीं बीमारी पायेगी,
बीमारी के हटते ही तुरन्त
महामाया होश में आयेगी।
यह कहकर क्षत्राणी ने
मुंह पर से कपड़ा हटवाया,
वीरांगना माता ने वीरांगना
बेटी को समझाया।










