कहीं यूँ ना बीत जाये
तर्ज – मुझे इश्क है तुझी से…….
कहीं यूँ ना बीत जाये,
ज़िन्दगी तेरी सुहानी।
नेकी कमा ले इसमें,
दो दिन की है कहानी ।।
नादान है “सचिन” तू,
नादान ये ज़माना महिमा महान उसकी,
अब तक भी तू ना जाना
विषयों में ना गंवाना,
सुन्दर सी ये जवानी नेकी कमा ले………..
आसान होगी राहें,
जब साथ होंगे भगवन्
भक्ति से उस प्रभु की,
महकेगा तेरा जीवन
आशायें होगी दिल में,
होगी ना कोई हानि नेकी कमा ले……
वासी है जो जहाँ का,
भोजन वहीं खिलाया
धर ध्यान तू उसी का,
जिसने ये जग रचाया
क्या खूब उसकी लीला,
तूने कभी ना जानी नेकी कमा ले……
कन्दराओं में गिरि की,
मैना भी गा रही है
सबका है मीत भगवन,
खुशियाँ मना रही है
सबको बता रही है,
मैं हूँ प्रभु दिवानी नेकी कमा ले……










