कहे जमाना गन्दा गाना छोड़ दे अब तू गाना
कहे जमाना गन्दा गाना
छोड़ दे अब तू गाना
देशद्रोहियों का दिल
धड़के बन ऐसा मस्ताना।
नहीं मिलेगी चैन तुम्हें
इन गन्दे गन्दे गानों में
बल पौरुष नहीं मिले
शौर्य मीट केक के खाने में।
बना रहा है मलेक्ष तुम्हें
ये होटल वाला खाना।
कहे जमाना गन्दा गाना
छोड़ दे अब तू गाना ।।1।।
दुनिया की रंगरलियों में
गया भूल देशभक्ति अपनी
दुर्व्यसनों में लुटा रहा
क्यों जवान आत्मशक्ति अपनी
दर्पन में अवलोकन कर
नहीं अपने को पहचाना
कहे जमाना गन्दा गाना
छोड़ दे अब तू गाना।।2।।
दुनिया के बलवान डरे थे
तेरे विकट प्रहारों से
धरती अम्बर हिलते थे
एक दिन तेरी हुंकारों से
पाकिस्तान के आज जुलाहे
चाह रहे तुझे डराना।
कहे जमाना गन्दा गाना
छोड़ दे अब तू गाना।।3।।
पारस पथरी है यह जवानी
बना ले लोहे का सोना
नमक मिर्च पर रगड़-रगड़
कर मत पारस पथरी खोना
समझे चाहे मत समझे
सदा प्रेमी का धर्म समझाना
कहे जमाना गन्दा गाना
छोड़ दे अब तू गाना।।4।।










