कभी नहीं सोचा तूने बैठके अकेले में

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कभी नहीं सोचा तूने बैठके अकेले में

कभी नहीं सोचा तूने
बैठके अकेले में,
कौन तेरा तू है किसका,
दुनिया के मेले में।

कौन साथ आया तेरे
कौन साथ जायेगा,
लाया था क्या ले जायेगा,
डाल करके थैले में ।। 1 ।।

क्या किसी से लिया
तूने क्या किसी को दे दिया,
जीवन ही समाप्त किया
इसी दे दे ले ले में।। 2।।

सुख-दुख हानि लाभ
शोक हर्ष जीत हार,
यही दो उपलब्धियां हैं
जगत के झमेले में।।3।।

जीवन का उद्देश्य यदि
प्रेमी नहीं जाना तू हीरा
जन्म लुटा दिया फूटी
कौड़ी घेले में।।4।।