भक्ति
जो ईश्वर में मन को लगाते रहेंगे,
सफल अपना जीवन बनाते रहेंगे। ।।1।।
जो ईश्वर में मन को…….
अन्धेरा मिटेगा तभी मन भवन का,
दिया ज्ञान का जो जलाते रहेंगे। ।।2।।
जो ईश्वर में मन को……
नहीं बाँध पाये उन्हें जग के बन्धन,
जो अज्ञानता को मिटाते रहेंगे।।3।।
जो ईश्वर में मन को ……..
मिटेगा यह झगड़ा आवागमन का,
जो मुक्ति के साधन जुटाते रहेंगे।।4।।
जो ईश्वर में मन को ……..
खिला ही रहेगा चमन उनका हरदम,
जो सत्संग गंगा में नहाते रहेंगे।।5।।
जो ईश्वर में मन को…….
चुने जो मोती चुने हंस बनकर,
वे वेदों की दुनिया बसाते रहेंगे।।6।।
जो ईश्वर में मन को लगाते रहेंगे,
सफल अपना जीवन बनाते रहेंगे।।










