जो भी बुरा भला है
जो भी बुरा भला है,
ईश्वर ही जानता है।
सृष्टि में क्या छिपा है,
ईश्वर ही जानता है।।
जाकर जहां से कोई,
वापिस नहीं आता।
वो कौन सी जगह है,
ईश्वर ही जानता है।।
नेकी बदी को बन्दे,
तू कितना ही छिपाले ।
ईश्वर को सब पता है,
ईश्वर ही जानता है।।
सुबह-शाम देखो,
ये धूप छांव देखो।
क्यों सब हो रहा है,
ईश्वर ही जानता है।।
किस्मत का नाम तो,
सब जानते हैं लोग।
किस्मत में क्या लिखा है,
ईश्वर ही जानता है।।










