जीवन यूं ही गंवाने से क्या फायदा।

0
39

जीवन यूं ही गंवाने से क्या फायदा।

जीवन यूं ही गंवाने से
क्या फायदा।
चन्दन ईंधन बनाने से
क्या फायदा।

जिन्दगी में किसी के
ना काम आया तूं।
तेरा बन्दा बनने से
क्या फायदा….।

अपने घर की लगी को
बुझाओगे कब।
दूसरों की बुझाने से
क्या फायदा….।
जानकर के जो अनजान
बनता रहे।

उसे इतना चेताने से
क्या फायदा….।

दिल के आइने में
तेरी मूर्त है क्या।
झूठी वाह ! वाह ! कमाने से
क्या फायदा….।

तूने कर्मों को अपने
तो शुद्ध ना किया।
तेरा सत्संग में आने से
क्या फायदा….ا

जो दिया उसने वो
तो संभलता नहीं।
मन को मैला बनाने से
क्या फायदा….।

अपनी एक भी गलती
सुधर न सकी।
दूसरों की गिनाने से
क्या फायदा….।