सहारा मिल गया
जिस को प्रभु के नाम का जग में सहारा मिल गया।
उस नाव को मंझधार में समझो किनारा मिल गया।
जिस को प्रभु के नाम क……….
१. संगी व साथी की भला उसको ज़रूरत क्यों रहे
जीवन की राहों में जिसे भगवान् प्यारा मिल गया।
जिस को प्रभु के नाम का……….
२. उसको ज़बाँ से उम्र भर रटते रहे पर न मिला
जिस ने जहाँ जिस वक्त भी दिल से पुकारा मिल गया।
जिस को प्रभु के नाम का………..
३. बाकी नज़ारे एक दम क्यों न उसे फीके लगें
भगवान् के दरबार का जिस को नज़ारा मिल गया।
जिस को प्रभु के नाम का…………
४. मंज़िल को पाना है जिसे क्या और उसको चाहिए
इतना ही काफ़ी है ‘पथिक’ उसका इशारा मिल गया।
जिस को प्रभु के नाम का………










