जिस दिन वेदों के मंत्रों से
जिस दिन वेदों के मंत्रों से,
धरती को सजाया जायेगा।
उस दिन मेरे गीतों का,
त्यौहार मनाया जायेगा।।
बेतों में सोना उपजेगा,
झूमेगी डाली-डाली।
बीरानों की कोख से
जिस दिन पैदा होगी हरियाली।
दीन अनाथों के घर-घर में,
होगी जिस दिन खुशहाली।
विधवाओं के सूने मस्तक पर,
चमक उठेगी जब लाली।
दीर्ना की कुटिया में जिस दिन,
दीप जलाया जायेगा। ।१।।
उस दिन ……….
जिस दिन काले बाजारों में,
धन के चोर नहीं होंगे।
मदिरा के सौदाई जिस दिन,
तन के चोर नहीं होंगे।
अण्डे मांस के खाने वाले,
रिश्वत खोर नहीं होंगे।
जिस दिन सच कहने वालों,
दिल कमजोर नहीं होंगे।
भूखे बच्चों को जिस दिन,
भूखा न सुलाया जायेगा।।२।।
उस दिन ……..
जिस दिन वीर शहीदों की,
कुर्बानी की पूजा होगी।
देश के हित में सब कुछ दे गई
उधम, भगत, सुभाष की
जब कुर्बानी की पूजा होगी।
ऋषि दयानंद के सपनों को
साकार बनाया जायेगा।।
उस दिन ……..
संस्कृति की शाम
नहीं होने देंगे।
वीर शहीदों की समाधि
बदनाम नहीं होने देंगे।
जब तक रग में एक
बूंद भी गर्म लहू की बाकी है।
भारत की आज़ादी को
गुमनाम नहीं होने देंगे।










