जिन्दगी में भूलकर ना पाप कर।
जिन्दगी में भूलकर
ना पाप कर।
दो घड़ी परमात्मा का
जाप कर।
भक्ति-शक्ति-मुक्ति
मिलती मील ना।
भक्ति करनी है तो
अपने आप कर….।
मन के मन्दिर में वो
आएगा नजर।
पहले मन के आइने को
साफ कर….।
भूल से कोई भी
पाप हो जाये तो।
बैठकर एकान्त पश्चात्ताप कर….।
राह में कांटे बड़े
‘बेमोल’ हैं।
हर कदम रखना
संभलकर नापकर….










