जिन्दगी में भूल कर न पाप कर
जिन्दगी में भूल कर न, पाप कर
जिन्दगी में भूल कर न, पाप कर ।
हर घड़ी परमात्मा का,
जाप कर ।। टेका।
हर घड़ी………
भक्ति-शक्ति-मुक्ति,
मिलती मोल न-२
जितना भी करता है,
अपने आप कर ।।१।।
हर घड़ी……..
मूल से हो जाये,
कोई पाप तो-२
बैठ कर कुछ काल,
पश्चाताप कर ।।१।।
हर घड़ी……..
आयेगा परमात्मा,
तुझको नजर-२
आईना दिल का,
तू पहले साफ कर ।।१।।
हर घड़ी…….
राह में काटे बहुत,
मंजिल कठिन-२
हर कदम चलना,
संभल कर नाप कर ।।१।।
हर घड़ी…….










