जिन्दगी कितनी अनमोल है

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जिन्दगी कितनी अनमोल है

जिन्दगी कितनी अनमोल है,
वृथा यूं ही चली जा रही है।
तूने अनजान जाना नहीं,
आखिर जो घड़ी आ रही है।

अपनी कीमत न जानी कभी,
रहा. ‘बेमोल’ चेमोल तू।
गीत ऐसे ही गाता रहा,
सारी दुनिया जिन्हें गा रही है…।

तूने बच्चों से लग मेल में,
खोया बचपन यूं ही खेल में।
अपना सब कुछ लुटाता रहा,
तुझको कुछ भी खबर न रही है…..।

मदभरी इस जवानी में भी,
अपने मन को न मारा कभी।
रस विषयों का पीता रहा,
प्यारा जीवन संवारा नहीं है….।

बीता बचपन जवानी गई,
बेटे पोते भी अब हो गए।
रात-दिन नींद आती नहीं,
माया ठगनी ही नींद खा रही है….।