जिन्दगी है ये हीरा तेरी
तर्ज – ज़िन्दगी प्यार का गीत है….
जिन्दगी है ये हीरा तेरी,
इस हीरे की औकात जान।
क्या पता फिर मिले ना मिले,
देने वाले का अहसान मान।।
शान से तू जियेगा “सचिन”,
पाक दामन रहेगा
सदा कर्म काले कभी ना कमां,
श्री स्वरों में गा ईश गान
ज़िन्दगी है ये……
प्रभु भक्ति में होके मगन,
गीत गाले लगा के लगन
जो मांगेगा मिल जायेगा,
वो दाता है सबसे महान
ज़िन्दगी है ये……
भव सागर से तर जायेगा,
तेरा जीवन संवर जायेगा
प्रीत प्यारे प्रभु से लगा,
रेज़ा-रेज़ा में है विद्यमान
ज़िन्दगी है ये………
रंक हो चाहे हो बादशाह,
इस ज़माने से जाना तो है
एक सत्ता ही बच पायेगी,
जो देता है जीवों को प्राण
ज़िन्दगी है ये……










