जीने से तेरे कोई सुख ना हुआ मरने से तेरे

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जीने से तेरे कोई सुख ना हुआ मरने से तेरे (धुन-बड़ी मस्तानी है मेरी)

जीने से तेरे कोई सुख
ना हुआ मरने से तेरे
कोई दुख न हुआ।
यह क्या जिन्दगानी है
तेरी नोजवां,
सुन यह कहानी है तेरी नौजवां ।।

कदम कदम पै तेरे धरती
में लरज होती थी।
हुँकार तेरी नभ में घन
जैसी गरज होती थी।।

ना वह चमक,
ना वह दमक,
कहां जोशे जवानी है तेरी,
नौजवा ।।1।।

हंसना तेरा था ऐसा जैसे
होती हो फूलों की वर्षा।
क्रुद्ध होना तेरा जग में
कभी कर देता था कहर बरपा ।।
बात जो कभी, तूने कही,
दुनिया ने मानी है, तेरी नौजवां ।।2।।

तेरी नजर से नजरें नहीं
कोई मिला सकता था।
तेरा कदम जहां में नही
कोई हिला सकता था।
निर्जीवों को जीवन दिया
कहां वह रवानी है, तेरी नौजवां। ।3।।

तेरे ही धर के अन्दर
आज होती है तेरी पिटाई।
‘प्रेमी तू गीत गाये आज
गैरत को भी गैरत आई ।।
जीवन तबाह, खुद ही किया,
बड़ी नादानी है, तेरी नौजवां ।।4।।