जपते-जपते ईश्वर के होंगे दर्शन
तर्ज – चलते-चलते यूं ही कोई……..
जपते-जपते ईश्वर के होंगे दर्शन,
ओ३म् नाम जपते-जपते।
दिल में ही देंगे दर्शन,
ओ३म् नाम जपते-जपते।।
मन में निवास करता,
वो दाता पिता हमारा।
अब देख ले “सचिन” तू,
ओ३म् नाम जपते-जपते।।
हर पल का है वो साथी,
रहता है साथ तेरे ।
धर ध्यान तू उसी का,
ओउम् नाम जपते-जपते ।।
नादान ओ मुसाफिर,
कहाँ ढूंढ़ता तू फिरता।
मन में ही देख लेना,
ओ३म् नाम जपते जपते ।।
जग में तू ढूंढ़ कितना,
भगवान ना मिलेंगे।
दिल दर्पण साफ़ करले,
ओ३म् नाम जपते-जपते ।।










