जपा कर, जपा कर सुबह
जपा कर, जपा कर सुबह
और शाम शुभ नाम प्यारा नाम,
प्यारा ओम नाम ।।
जिसने तुझे ये चोला दिया है
उसको तूने भुला क्यूं दिया है।
लिखे जा रहे हैं तेरे कर्म तमाम ।।
जपा कर…..जपा कर, जपा कर सुबह और
बचपन तो तूने खिलौनों में खोया
आयी जवानी तो मस्ती में सोया।
कब जाने ढल जाये जीवन की शाम ।।
जपा कर…..
आया बुढ़ापा तो रोगों ने घेरा देख
भी न पाये कब हो सवेरा।
चले जा रहे हैं आनन्द धाम ।।
जपा कर…..
बड़े भाग्य से यह नर तन मिला है
आवागमन का यहां सिलसिला है।
तू कर ले जगत में भलाई के काम ।।
जपा कर…..










