जप के जप-जप के प्रभु तेरा भजन मन में

0
11

जप के जप-जप के प्रभु तेरा भजन मन में

जप के जप-जप के
प्रभु तेरा भजन मन में
मन-मन में करूं तेरा चिन्तन ।।
मुक्ति पाने को ये है दिल
बेकरार दिल में बिठाऊँ
तुझे आ जाओ निराकार ।।
जपके जप-जपके
प्रभु तेरा भजन… ।।० ।।

कोई पड़ा है देखो, मन्दिर के
पीछे, कोई पड़ा देखो,
पत्थर के पीछे-२ कैसे बताऊँ
कैसे सुनाऊँ ऋचाएं वेदों का…
सोचा ना जाये मुझ से
देखो कैसे ये जन ।
जपके जप-जपके
प्रभु तेरा भजन… ।।१।।

साम-सबेरे तेरा ध्यान को लगाऊँ,
वेदों शास्त्रों को पढ़के ज्ञान को
बढ़ाऊँ-२सबको बताऊँ,
सबको सुनाऊँ प्रभु तेरा ज्ञान का…
कभी न बिछुड़ जाये,
तेरी मेरी लगन जपके
जप-जपके प्रभु तेरा भजन…।।२।।