जन्म दिया और काया बदली

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जन्म दिया और काया बदली

सुख की प्रभु ने छाया कर दी…जन्म दिया

जिसे बनाया सुख का साथी

दुःख आया तो टूटा नाता

मेरे साथ रहा प्रभु साथी

कृपा हुई तत्काल…यानिधे….जन्म दिया

बिन माँगे भण्डार दिया है

क्यूँ कर तेरा प्रेम न माँगा

इन होठों को ओ३म् का स्वर दे

स्वरमर कर चित्त प्राण..दयानिधे….जन्म दिया

छोड़ दूँ कैसे आँचल तेरा

तेरे सिवा प्रभु कौन है मेरा

तेरी दया की कोई ना सीमा

ना ही कोई मिसाल….यानिधे….जन्म दिया

तर्ज : गोड तुझ्या त्या स्वप्ना मधुनी