जल से हो शुद्धि तन की-सत्य से शुद्धि मन की।

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जल से हो शुद्धि तन की-सत्य से शुद्धि मन की। (धुन-ताँगा लाहोरी मेरा)

जल से हो शुद्धि तन
की-सत्य से शुद्धि मन की।
बुद्धि की शुद्धि निर्मल ज्ञान से ।।

धन की शुद्धि होती है दान से।
शिक्षा लो मनु के विधान से । टेक ।
तन की और मन की धन की।
शुद्धि कर लो जन-जन की ।।
श्रेष्ठ है यह डगर मिलन भक्ति
भगवान से, शिक्षा की। लो ।।1।

बुरी हो वे जगह दिया दान ।
भारी नुकसान ।।
लाभ की जगह पर हान ।
गलती यजमान से,
शिक्षा लो मनु।।2।।

सर्दी मे ठण्डाई और
गर्मी में रजाई दे । दे ।।
कोई ना भलाई दे।

उस दाता को जबान से-
शिक्षा लो मनु।।3।।

परिस्थिति और देश काल।
दान के समय सम्भाल ।।
पोमी पतिज्ञा पाल ।
परिचय परित्राण ले-
शिक्षा लो मनु ।।4||