जागो तो एक बार जागो जागो तो ॥
जागो तो एक बार
जागो जागो तो ॥
आर्यवीरो जागो जगाओ,
ऊंच-नीच का भेद मिटाओ।
करो देश उद्धार।
जागे शंकर दयानन्द जागे,
नास्तिक मत पाखण्डी भागे।
हुआ वेद का जय-जयकार ।
जागे थे प्रताप, शिवाजी,
जीत गए मुगलों से बाजी।
रुक गए अत्याचार।
जागे थे गुरु गोविन्द प्यारे,
देश पे चारों बच्चे वारे।
वार दिया परिवार।
जागी थी झांसी की रानी,
इकली थी पर हार न मानी।
चमक उठी तलवार।
जागे थे भगतसिंह प्यारे,
असेम्बली में लग गए नारे।
हुआ बम का धुंआधार।
सुभाषचन्द्र नेता जी जागे,
अंग्रेजों के छक्के छुड़ा गए।
कांप उठी सरकार।










