जागेंगे भाग देश के, होंगे सभी निहाल
जागेंगे भाग देश के,
होंगे सभी निहाल,
ऐ मातृशक्ति जाग तू,
ले होश अब संभाल ।।
दयानन्द शिवा गांधी
को दी तूने लोरियाँ,
बिस्मिल व भगत चूमते
फांसी की डोरियाँ।
तूने ही देश को दिये राणा
शिवा से लाल ।। …. ऐ मातृशक्ति
सिनेमा क्लबों व पार्टी
में जान यूं मचल,
गलियों, बाजारों, होटलों
में सज के न निकल ।
फिर देखे बुरी नजर से ये किस
की है मजाल ।।.. ऐ मातृशक्ति
जो चाहे गिराना तुझे
दे धूल में मिला,
अपमान करने वालों
का दे नाम तक मिटा।
गुण्डे उठाये आँख तो तू आँख
दे निकाल । ।…. ऐ मातृशक्ति
सीता व दुर्गा, पद्मा बन तू लक्ष्मीबाई,
न सामने आये तेरे कोई आतातायी।
संकट के समय ले उठा तलवार
और ढ़ाल ।।… ऐ मातृशक्ति
चंचल कुमारी ने गत मुगलों की बनायी,
झांसी में धूम लक्ष्मीबाई ने मचायी।
भारत की देवियों का है इतिहास
बेमिसाल ।।… ऐ मातृशक्ति










