जब तक जग में शुभ कर्मों का, संचित सामान नहीं होगा
जब तक जग में शुभ कर्मों का,
संचित सामान नहीं होगा
तब तक भव पार उतरने का,
पूरा अरमान नहीं होगा। ।1।
जब तक जग में शुभ कर्मों का……..
अच्छे व बुरे सब कर्मों से,
जाने पहचाने जाएँगे।
जग में है कौन भला ऐसा,
जिसका इम्तिहान नहीं होगा।।2।
जब तक जग में शुभ कर्मों का …….
दुनियाँ में लाख हवन सन्ध्या,
और पूजा पाठ करे कोई।
जीवन में शुद्धाचरण बिना,
हरगिज कल्याण नहीं होगा।।3।।
जब तक जग में शुभ कर्मों का…….
जीवन की सुन्दर खेती में,
जो बोओगे वो काटोगे।
मिर्ची का बीज अगर बोया,
बदले में धान न पाओगे।।
दर्शन उस विश्व विधाता के,
होंगे तो इसी दिल में होंगे।
मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे में,
बैठा भगवान नहीं होगा।14।।
जब तक जग में शुभ कर्मों का………
करने का समय यही है प्यारे,
कर ले कुछ नेक कमाई तू
वर्ना फिर मानव जीवन का,
मिलना आसान नहीं होगा।।5।।
जब तक जग में शुभ कर्मों का ……..
बिल्ली को देख कबूतर तो,
कर लेता आँखें बंद ‘पथिक’
तू तो इंसान कहाता है,
इतना नादान नहीं होगा।।6।।
जब तक जग में शुभ कर्मों का…………










