ओम् नाम का जाप करो
जब चिन्ता बहुत सताये।
तब ओम् नाम का जाप करो।
दुःख अन्तःकरण दुखाये।
तब ओम् नाम का जाप करो।
१. जब उठने लगे हताशा ।
फैले सब ओर निराशा।
पल पल मनवा घबराये।
तब ओम् नाम का जाप करो ……
२. दिल में उलझन भारी हो।
या उथल पुथल जारी हो।
कोई बात समझ न पाये।
तब ओम् नाम का जाप करो ……
३. जब अपने ही मुख मोड़ें।
सब रिश्ते नाते तोड़ें।
जन जन दुश्मन बन जाये।
तब ओम् नाम का जाप करो …..
४. उमड़े तूफ़ान भयंकर।
पथ पर हों काँटे कंकर ।
घनघोर अन्धेरा छाये।
तब ओम् नाम का जाप करो ….
५. जंगल पर्बत सागर में।
अग्नि धरती अम्बर में।
जब राह नज़र न आये।
तब ओम् नाम का जाप करो ……
६. यह ओम् बड़ा प्यारा है।
अमृत रस की धारा है।
कोई कष्ट ‘पथिक’ तड़पाये।
तब ओम् नाम का जाप करो …..










